Aura (प्रभामण्डल) की ताकत - Inspirational Post In Hindi
ब्रह्माण्ड हमारे "विचारों" को फैलाती है .......
मित्रों हमारे आसपास Positive या Negative कौन सा Aura तैयार होगा, से सब हमारे "विचारों" पर निर्भर करता है.
यहाँ पर कोई भी Aura बनाने के लिए Law Of Attraction काम करता है.
कुछ महत्वपूर्ण Example लेते हैं :-
1) हमें Maths की Coaching लेनी है तो हमारे दिमाग में Maths के Teachers, अपने Senior, रिस्तेदार, दोस्त याद आने शुरू हो जाते हैं, "जो Maths में अच्छे हैं" (Positive Aura).
2) हम पढ़ाई के बाद Job की तलाश में हैं. हमें याद आने लग जाते हैं वो लोग जो "अच्छी अच्छी Post" में हैं या जो "हमारी मदद" कर सकते हैं (Positive Aura).
3) हम किसी से "बदला" लेना चाहते हैं, तो हमें याद आते हैं वो "लोग जो बदला लेने में" हमारी मदद कर सकते हैं (Negative Aura).
4) हमारे घर शादी है, तो हमें याद आते हैं वो सभी जो Band, Wedding Hall, इस्यादि की Booking में, गहने खरीदने में, या अन्य कामो में "हमारी मदद" कर सकते हैं (Positive Aura).
6) किसी की बुराई करनी है तो हमारे दिमाग में उन लोगों का नाम आता है जो दूसरों की बुराई करने या अफवाह उड़ाने में माहिर हैं (Negative Aura).
7) इसी तरह अगर हमें किसी की तारीफ करनी हो तो हम ऐसे लोगों से बात करते हैं जो हमेशा Positive रहते हैं (Positive Aura).
8) इसी तरह अपने Boss, अपने रिस्तेदार, अपने Teacher, अपने दोस्त की तारीफ या बुराई करना इस्यादि (Positive या Negative Aura).
मित्रों अब महत्वपूर्ण बात :-
हमें किसकी याद कब आई ये उस दूसरे व्यक्ति के चरित्र पर Depend करेगा, जिसको हमने अच्छी या बुरी बात के वक़्त याद किया, जी हाँ उनके चरित्र पर क्योँकि हम Positive सोच के लिए Positive लोगों को याद करेगें और Negative सोच के लिए Negative लोगों को (ये उन लोगों का Positive या Negative Aura है - हमारा नहीं, इस बात का ध्यान रहे).
अब मित्रों उससे भी महत्वपूर्ण बात :-
उसी तरह, जी हाँ उसी तरह जब कभी कोई हमें अच्छे या बुरे के लिए याद करे तो समझ जाइये कि हमने अपने आसपास का Aura कैसा तैयार किया है. अगर हमें अच्छे काम के लिए याद किया तो हमने अपने आसपास Positive Aura तैयार किया हुआ है जो की बहुत अच्छा है, पर कहीं हमें बुरे काम के लिए याद किया तो समझ जाइये की हमने अपने आसपास Negative Aura तैयार किया हुआ है. हमें किसी से पूछने की जरुरत ही नहीं कि हमारा Character कैसा है, ब्रह्माण्ड अपने आप हमें लगातार Hint देती रहती है.
मित्रों अगर कोई सोचता है कि वो हमेशा परेशान रहता है, बीमार रहता है और उसके पास पैसों कि कमी रहती है तो असल जिंदगी में भी ब्रह्माण्ड घटनाओं को कुछ ऐसे सेट करता है कि उसे अपने जिंदगी में परेशानी, बीमारी और तंगी का सामना करना पड़ता है और उसे लोग भी उसी प्रकार के मिलेंगे.
वहीँ दूसरी तरफ अगर वो सोचता है कि वो खुशहाल है, सेहतमंद है और उसके पास खूब पैसे हैं तो Law Of Attraction कि वजह से असल जिंदगी में भी उसे खुशहाली, अच्छी सेहत और समृद्धि देखने को मिलती है और उसे लोग भी उसी प्रकार के मिलेंगे
"वास्तव में हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं”
हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिये कि हम क्या सोचते हैं क्योँकि सोच के बाद जो विचार Create होते हैं, वो हमारे "विचार" हमारे आस पास एक Aura तैयार करते हैं और दूर तक यात्रा करते हैं.
मित्रों इस लिए हमें अपनी सोच को - "Positive विचारों में" किसी भी हाल में Convert करना है क्योँकि Negative Thought हमारी Life को Positivity से दूर ले जाती है और हर एक "Positive Thought", Life में खुशियां लाती है.
किसी ने कहा भी है, अगर इंसान "जानता", जी हाँ "जानता" कि उसके विचार कितने Powerful है तो वो कभी Negative नहीं सोचता.
"मन को अपने मीठा कर लो यारों,Must Read:
क्योँकि
इस धरा का,
इस धरा पर,
सब धरा रह जायेगा,
....कुछ हाथ नहीं आएगा"
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